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सुनन नसाई

नंबर 2000

नंबर 2000किताब 21, नंबर 183
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ مَسْعُودِ بْنِ الْحَكَمِ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ ‏:‏ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَامَ فَقُمْنَا، وَرَأَيْنَاهُ قَعَدَ فَقَعَدْنَا ‏.‏
It was narrated from 'Ali bin Abi Talib that:mention was made of standing at the funeral until the body is placed in the grave. 'Ali bin Abi Talib said: "The Messenger of Allah stood, then he sat down
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।