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सुनन नसाई

नंबर 1988

नंबर 1988किताब 21, नंबर 171
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سَعْدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ صَلَّيْتُ خَلْفَ ابْنِ عَبَّاسٍ عَلَى جَنَازَةٍ فَسَمِعْتُهُ يَقْرَأُ، بِفَاتِحَةِ الْكِتَابِ فَلَمَّا انْصَرَفَ أَخَذْتُ بِيَدِهِ فَسَأَلْتُهُ فَقُلْتُ تَقْرَأُ قَالَ نَعَمْ إِنَّهُ حَقٌّ وَسُنَّةٌ ‏.‏
It was narrated that Talhah bin 'Abdullah said:"I offered the funeral prayer behind Ibn 'Abbas and I heard him reciting Fatihat Al-Kitab. When he finished I took him by the hand and asked him. 'Did you recite?' He said: 'Yes, it is the truth and the Sunnah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।