सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 1943

नंबर 1943किताब 21, नंबर 126
أَخْبَرَنِي أَحْمَدُ بْنُ بَكَّارٍ الْحَرَّانِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ السَّرِيِّ، عَنْ سَعِيدٍ الثَّقَفِيِّ، عَنْ عَمِّهِ، زِيَادِ بْنِ جُبَيْرِ بْنِ حَيَّةَ عَنْ أَبِيهِ، عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الرَّاكِبُ خَلْفَ الْجَنَازَةِ وَالْمَاشِي حَيْثُ شَاءَ مِنْهَا وَالطِّفْلُ يُصَلَّى عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Al-Mughirah bin Shu'bah said:"The Messenger of Allah said: "The rider should travel behind the Janazah and the pedestrian may travel wherever he wishes, and the (funeral) prayer should be offered for a child
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।