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सुनन नसाई

नंबर 1941

नंबर 1941किताब 21, नंबर 124
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا أَشْعَثُ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُغَفَّلِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ تَبِعَ جَنَازَةً حَتَّى يُفْرَغَ مِنْهَا فَلَهُ قِيرَاطَانِ فَإِنْ رَجَعَ قَبْلَ أَنْ يُفْرَغَ مِنْهَا فَلَهُ قِيرَاطٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin Al-Mughaffal said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever follows a Janazah until it is finished, he will have two Qirats, and whoever goes back before it is finished, he will have one Qirat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।