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सुनन नसाई

नंबर 1935

नंबर 1935किताब 21, नंबर 118
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، قَالَ حَدَّثَنَا مَنْصُورُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أُمِّهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ ذُكِرَ عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم هَالِكٌ بِسُوءٍ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ تَذْكُرُوا هَلْكَاكُمْ إِلاَّ بِخَيْرٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"Something bad was said in the presence of the Prophet about a person who had died. He said: 'Do not say anything but good about your dead
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।