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सुनन नसाई

नंबर 1925

नंबर 1925किताब 21, नंबर 108
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا مَنْصُورٌ، عَنِ ابْنِ سِيرِينَ، قَالَ مُرَّ بِجَنَازَةٍ عَلَى الْحَسَنِ بْنِ عَلِيٍّ وَابْنِ عَبَّاسٍ فَقَامَ الْحَسَنُ وَلَمْ يَقُمِ ابْنُ عَبَّاسٍ فَقَالَ الْحَسَنُ لاِبْنِ عَبَّاسٍ أَمَا قَامَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ قَامَ لَهَا ثُمَّ قَعَدَ ‏.‏
It was narrated that Ibn Sirin said:"A funeral passed by Al-Hasan bin 'Ali and Ibn 'Abbas. Al-Hasan stood up but Ibn 'Abbas did not. Al-Hasan said to Ibn 'Abbas: 'Didn't the Messengr of Allah stand up for it?' Ibn 'Abbas said: 'He stood up for it then he sat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।