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सुनन नसाई

नंबर 1872

नंबर 1872किताब 21, नंबर 55
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنِي عَمْرٌو، قَالَ حَدَّثَنِي بُكَيْرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ نَافِعٍ، عَنْ حَفْصِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ مَنِ احْتَسَبَ ثَلاَثَةً مِنْ صُلْبِهِ دَخَلَ الْجَنَّةَ ‏"‏ ‏.‏ فَقَامَتِ امْرَأَةٌ فَقَالَتْ أَوِ اثْنَانِ قَالَ ‏"‏ أَوِ اثْنَانِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَتِ الْمَرْأَةُ يَا لَيْتَنِي قُلْتُ وَاحِدًا ‏.‏
It was narrated from Anas that the Messenger of Allah said:"Whoever seeks reward for (the loss of) three of his own children, he will enter Paradise." A woman stood up and said: "Or two?" He said: "Or two." The woman said: "I wish that I had said, 'or one
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।