सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 1851

नंबर 1851किताब 21, नंबर 34
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ حَكِيمِ بْنِ قَيْسٍ، أَنَّ قَيْسَ بْنَ عَاصِمٍ، قَالَ لاَ تَنُوحُوا عَلَىَّ فَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَمْ يُنَحْ عَلَيْهِ ‏.‏ مُخْتَصَرٌ ‏.‏
It was narrated from Hakim bin Qais, that Qais bin 'Asim said:"Do not wail over me, for no one wailed over the Messenger of Allah." This is an abridgment
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।