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सुनन नसाई

नंबर 1783

नंबर 1783किताब 20, नंबर 186
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ، قَالَ أَنْبَأَنَا يُونُسُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ أَخْبَرَنِي السَّائِبُ بْنُ يَزِيدَ، أَنَّ شُرَيْحًا الْحَضْرَمِيَّ، ذُكِرَ عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ ذَاكَ رَجُلٌ لاَ يَتَوَسَّدُ الْقُرْآنَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Az-Zuhri said:"As-Sa'ib bin Yazid told me that Shuraih Al-Hadrami was mentioned in the presence of the Messenger of Allah (ﷺ), and the Messenger of Allah (ﷺ) said: "He does not sleep on the Qur'an
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Book of Qiyam Al-Lail (The Night Prayer) and Voluntary Prayers During the Day

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।