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सुनन नसाई

नंबर 1687

नंबर 1687किताब 20, नंबर 90
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، عَنِ الْحَسَنِ بْنِ الْحُرِّ، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ ابْنَ عُمَرَ، كَانَ يُوتِرُ عَلَى بَعِيرِهِ وَيَذْكُرُ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَفْعَلُ ذَلِكَ ‏.‏
It was narrated from Nafi' that :Ibn Umar used to pray witr on his camel and he mentioned that the Prophet (ﷺ) used to do that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad Sahih Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Book of Qiyam Al-Lail (The Night Prayer) and Voluntary Prayers During the Day

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।