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सुनन नसाई

नंबर 1583

नंबर 1583किताब 19, नंबर 28
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَخْطُبُ قَائِمًا ثُمَّ يَقْعُدُ قَعْدَةً لاَ يَتَكَلَّمُ فِيهَا ثُمَّ قَامَ فَخَطَبَ خُطْبَةً أُخْرَى فَمَنْ خَبَّرَكَ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم خَطَبَ قَاعِدًا فَلاَ تُصَدِّقْهُ ‏.‏
It was narrated that Jabir bin Samurah said:"I saw the Messenger of Allah (ﷺ) delivering the Khutbah standing up, then he sat down for a while and did not speak, then he stood up and delivered another Khutbah. Whoever tells you that the Prophet (ﷺ) delivered a Khutbah sitting do not believe him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · The Book of the Prayer for the Two 'Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।