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सुनन नसाई

नंबर 1574

नंबर 1574किताब 19, नंबर 19
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سِمَاكٍ، قَالَ سَأَلْتُ جَابِرًا أَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَخْطُبُ قَائِمًا قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَخْطُبُ قَائِمًا ثُمَّ يَقْعُدُ قَعْدَةً ثُمَّ يَقُومُ ‏.‏
It was narrated that Simak said:"I asked Jabir: 'Did the Messenger of Allah (ﷺ) deliver the Khutbah standing?' He said: 'The Messenger of Allah (ﷺ) used to deliver the Khutbah standing, then he would sit for a while, then stand up again
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · The Book of the Prayer for the Two 'Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।