أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، قَالَ أَخْبَرَنِي إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي خَالِدٍ، عَنْ أَخِيهِ، عَنْ أَبِي كَاهِلٍ الأَحْمَسِيِّ، قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَخْطُبُ عَلَى نَاقَةٍ وَحَبَشِيٌّ آخِذٌ بِخِطَامِ النَّاقَةِ .
It was narrated that Abu Khalil Al-Ahmasi said:"I saw the Prophet (ﷺ) delivering the Khutbah atop a she-camel and an Ethiopian was holding on to the camel's reins
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAbu Ghuddah
HasanAl-Albani
Isnaad HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।