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सुनन नसाई

नंबर 1569

नंबर 1569किताब 19, नंबर 14
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ سَمِعْتُ أَيُّوبَ، يُخْبِرُ عَنْ عَطَاءٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَقُولُ أَشْهَدُ أَنِّي شَهِدْتُ الْعِيدَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَبَدَأَ بِالصَّلاَةِ قَبْلَ الْخُطْبَةِ ثُمَّ خَطَبَ ‏.‏
It was narrated that 'Ata said:"I heard Ibn 'Abbas say: 'I bear witness that I attended 'Eid with the Messenger of Allah (ﷺ); he started with the prayer before the Khutbah, then he delivered the Khutbah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · The Book of the Prayer for the Two 'Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।