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सुनन नसाई

नंबर 1511

नंबर 1511किताब 17, नंबर 8
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، أَنَّهُ سَمِعَ عَبَّادَ بْنَ تَمِيمٍ، يَقُولُ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ زَيْدٍ، يَقُولُ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَاسْتَسْقَى وَحَوَّلَ رِدَاءَهُ حِينَ اسْتَقْبَلَ الْقِبْلَةَ ‏.‏
It was narrated from Abdullah bin Abi Bakr that:He heard Abbad bin Tamim said: "The Messenger of Allah (ﷺ) went out and prayed for rain, and he turned his rida' around when he turned to the Qiblah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Praying for Rain (Al-Istisqa')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।