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सुनन नसाई

नंबर 1469

नंबर 1469किताब 16, नंबर 11
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ بْنِ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنِ ابْنِ نَمِرٍ، - وَهُوَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ نَمِرٍ - عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ كَثِيرِ بْنِ عَبَّاسٍ، ح وَأَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ أَخْبَرَنِي كَثِيرُ بْنُ عَبَّاسٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَلَّى يَوْمَ كَسَفَتِ الشَّمْسُ أَرْبَعَ رَكَعَاتٍ فِي رَكْعَتَيْنِ وَأَرْبَعَ سَجَدَاتٍ ‏‏.‏‏
It was narrated from Kathir bin Abbas, from Abdullah bin Abbas that:The Messenger of Allah (ﷺ) prayed on the day the sun was eclipsed, bowing four times in two rak'ahs and prostrating four times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Eclipses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।