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सुनन नसाई

नंबर 1467

नंबर 1467किताब 16, नंबर 9
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ ابْنِ عُلَيَّةَ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَلَّى عِنْدَ كُسُوفِ الشَّمْسِ ثَمَانِيَ رَكَعَاتٍ وَأَرْبَعَ سَجَدَاتٍ ‏‏.‏‏ وَعَنْ عَطَاءٍ مِثْلُ ذَلِكَ ‏‏.‏‏
It was narrated from Tawus from Ibn Abbas, that :The Messenger of Allah (ﷺ) prayed when the sun was eclipsed, bowing eight times and prostrating four times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAbu Ghuddah
  • ShadhAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Eclipses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।