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सुनन नसाई

नंबर 1454

नंबर 1454किताब 15, नंबर 22
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ زَنْجَوَيْهِ، عَنْ عَبْدِ الرَّزَّاقِ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي إِسْمَاعِيلُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ سَعْدٍ، أَنَّ حُمَيْدَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَخْبَرَهُ أَنَّ السَّائِبَ بْنَ يَزِيدَ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ الْعَلاَءَ بْنَ الْحَضْرَمِيِّ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَمْكُثُ الْمُهَاجِرُ بَعْدَ قَضَاءِ نُسُكِهِ ثَلاَثًا ‏"‏ ‏.‏
Al-'Ala bin Al-Hadrami said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'The Muhajir may stay for three days after completing his rituals
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Shortening the Prayer When Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।