सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 1448

नंबर 1448किताब 15, नंबर 16
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، عَنِ الأَعْمَشِ، قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ يَزِيدَ، ح وَأَنْبَأَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، - رضى الله عنه - قَالَ صَلَّيْتُ بِمِنًى مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَكْعَتَيْنِ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah (ﷺ) said:"I prayed two rak'ahs in Mina with the Messenger of Allah (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Shortening the Prayer When Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।