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सुनन नसाई

नंबर 1444

नंबर 1444किताब 15, नंबर 12
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، أَنَّ مُوسَى بْنَ سَلَمَةَ، حَدَّثَهُمْ أَنَّهُ، سَأَلَ ابْنَ عَبَّاسٍ قُلْتُ تَفُوتُنِي الصَّلاَةُ فِي جَمَاعَةٍ وَأَنَا بِالْبَطْحَاءِ، مَا تَرَى أَنْ أُصَلِّيَ، قَالَ رَكْعَتَيْنِ سُنَّةَ أَبِي الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Musa bin Salamah narrated that he asked Ibn 'Abbas:"I missed the prayer in congregation when I was in Al-Batha; how do you think I should pray?" He said: "Two rak'ahs, the sunnah of the Messenger of Allah (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Shortening the Prayer When Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।