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सुनन नसाई

नंबर 1440

नंबर 1440किताब 15, नंबर 8
أَخْبَرَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، عَنْ سُفْيَانَ، - وَهُوَ ابْنُ حَبِيبٍ - عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ زُبَيْدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ عُمَرَ، قَالَ صَلاَةُ الْجُمُعَةِ رَكْعَتَانِ وَالْفِطْرِ رَكْعَتَانِ وَالنَّحْرِ رَكْعَتَانِ وَالسَّفَرِ رَكْعَتَانِ تَمَامٌ غَيْرُ قَصْرٍ عَلَى لِسَانِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It was narrated that 'Umar said:"The prayer for jumu'ah is two rak'ahs, and for Al-Fitr is two rak'ahs, and for An-Nahr is two rak'ahs, and for traveling is two rak'ahs, complete and not shortened, on the tongue of the Prophet (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Shortening the Prayer When Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।