أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا بَقِيَّةُ، قَالَ حَدَّثَنَا الزُّبَيْرِيُّ، أَنَّ مَكْحُولاً، حَدَّثَهُ أَنَّ مَسْرُوقَ بْنَ الأَجْدَعِ حَدَّثَهُ عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَشْرَبُ قَائِمًا وَقَاعِدًا وَيُصَلِّي حَافِيًا وَمُنْتَعِلاً وَيَنْصَرِفُ عَنْ يَمِينِهِ وَعَنْ شِمَالِهِ .
It was narrated that 'Aishah said:"I saw the Messenger of Allah (ﷺ) drink standing and sitting, and he prayed barefoot and with sandals, and he left (after prayer) to the right and to the left
स्रोत में दर्ज दर्जे
Sahih IsnaadAbu Ghuddah
Sahih IsnaadAl-Albani
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।