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सुनन नसाई

नंबर 1335

नंबर 1335किताब 13, नंबर 157
أَخْبَرَنَا بِشْرُ بْنُ خَالِدٍ الْعَسْكَرِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ أَبِي مَعْبَدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ إِنَّمَا كُنْتُ أَعْلَمُ انْقِضَاءَ صَلاَةِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالتَّكْبِيرِ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"I used to know that the prayer of the Messenger of Allah (ﷺ) ended by the takbir
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।