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सुनन नसाई

नंबर 1334

नंबर 1334किताब 13, नंबर 156
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ، قَالَ حَدَّثَنِي يَعْلَى بْنُ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ الأَسْوَدِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ صَلَّى مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَلاَةَ الصُّبْحِ فَلَمَّا صَلَّى انْحَرَفَ ‏.‏
It was narrated from Jabir bin Yazid bin Al-Aswad, from his father that:He prayed subh with the Messenger of Allah (ﷺ), and when he finished praying he turned away (from the Qiblah and toward the people)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।