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सुनन नसाई

नंबर 1331

नंबर 1331किताब 13, नंबर 153
أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ حَبِيبِ بْنِ عَرَبِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَبِي الْمُهَلَّبِ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم صَلَّى ثَلاَثًا ثُمَّ سَلَّمَ فَقَالَ الْخِرْبَاقُ إِنَّكَ صَلَّيْتَ ثَلاَثًا ‏.‏ فَصَلَّى بِهِمُ الرَّكْعَةَ الْبَاقِيَةَ ثُمَّ سَلَّمَ ثُمَّ سَجَدَ سَجْدَتَىِ السَّهْوِ ثُمَّ سَلَّمَ ‏.‏
It was narrated from 'Imran bin Husain that:The Prophet (ﷺ) prayed three (rak'ahs) then said the taslim. Al-Khirbaq said: "You prayed three." So he led them in praying the remaining rak'ah, then he said the taslim, then he did the two prostrations of forgetfulness, then he said the taslim (again)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।