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सुनन नसाई

नंबर 1330

नंबर 1330किताब 13, नंबर 152
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ، عَنْ عِكْرِمَةَ بْنِ عَمَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ضَمْضَمُ بْنُ جَوْسٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سَلَّمَ ثُمَّ سَجَدَ سَجْدَتَىِ السَّهْوِ وَهُوَ جَالِسٌ ثُمَّ سَلَّمَ ‏.‏ قَالَ ذَكَرَهُ فِي حَدِيثِ ذِي الْيَدَيْنِ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that:"The Messenger of Allah (ﷺ) said the salam then he performed two prostrations of forgetfulness while he was still sitting, then he said the salam." He said: He mentioned it in the hadith of Dhul-Yadain
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।