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सुनन नसाई

नंबर 1248

नंबर 1248किताब 13, नंबर 70
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُسَافِعٍ عَنْ عُتْبَةَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ شَكَّ فِي صَلاَتِهِ فَلْيَسْجُدْ سَجْدَتَيْنِ بَعْدَ مَا يُسَلِّمُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abdullah bin Ja'far said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Whoever has doubt during his prayer, let him prostrate twice after he has said the taslim
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।