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सुनन नसाई

नंबर 1147

नंबर 1147किताब 12, नंबर 119
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، دُحَيْمٌ قَالَ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ مُعَاوِيَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الأَصَمِّ، قَالَ حَدَّثَنِي يَزِيدُ بْنُ الأَصَمِّ، عَنْ مَيْمُونَةَ، قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا سَجَدَ خَوَّى بِيَدَيْهِ حَتَّى يُرَى وَضَحُ إِبْطَيْهِ مِنْ وَرَائِهِ وَإِذَا قَعَدَ اطْمَأَنَّ عَلَى فَخِذِهِ الْيُسْرَى ‏.‏
It was narrated that Maimunah said:"When the Messenger of Allah (ﷺ) prostrated, he would hold his arms out to his sides, so that the whiteness of his armpits could be seen from behind. And when he sat he rested on his left thigh
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।