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सुनन नसाई

नंबर 1104

नंबर 1104किताब 12, नंबर 76
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ الْمَرْوَزِيُّ، قَالَ أَنْبَأَنَا شَرِيكٌ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، قَالَ وَصَفَ لَنَا الْبَرَاءُ السُّجُودَ فَوَضَعَ يَدَيْهِ بِالأَرْضِ وَرَفَعَ عَجِيزَتَهُ وَقَالَ هَكَذَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَفْعَلُ ‏.‏
It was narrated that Abu Ishaq said:"Al-Bara' described the prostration to us. He places his hands on the ground and raised his posterior and said: 'This is what I saw the Messenger of Allah (ﷺ) doing
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।