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सुनन नसाई

नंबर 1103

नंबर 1103किताब 12, नंबर 75
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - وَهُوَ ابْنُ هَارُونَ - قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو الْعَلاَءِ، - وَاسْمُهُ أَيُّوبُ بْنُ أَبِي مِسْكِينٍ - عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَفْتَرِشْ أَحَدُكُمْ ذِرَاعَيْهِ فِي السُّجُودِ افْتِرَاشَ الْكَلْبِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that:The Messenger of Allah (ﷺ) said: "Do not rest your forearms on the ground like a dog when prostrating
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।