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सुनन नसाई

नंबर 1071

नंबर 1071किताब 12, नंबर 43
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنِ ابْنِ سِيرِينَ، أَنَّ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، سُئِلَ هَلْ قَنَتَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي صَلاَةِ الصُّبْحِ قَالَ نَعَمْ ‏.‏ فَقِيلَ لَهُ قَبْلَ الرُّكُوعِ أَوْ بَعْدَهُ قَالَ بَعْدَ الرُّكُوعِ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik was asked:"Did the Messenger of Allah (ﷺ) say the Qunut in Subh prayer?" He said: "Yes." He was asked: "Was that before bowing or after?" He said: "After bowing
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।