أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ مَسْعَدَةَ، عَنْ أَشْعَثَ، عَنْ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَبِيدَةَ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ نَهَانِي النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْقَسِّيِّ وَالْحَرِيرِ وَخَاتَمِ الذَّهَبِ وَأَنْ أَقْرَأَ وَأَنَا رَاكِعٌ وَقَالَ مَرَّةً أُخْرَى وَأَنْ أَقْرَأَ رَاكِعًا .
It was narrated that 'Ali said:"The Prophet (ﷺ) forbade me from wearing A-Qassi and silk, and gold rings, and from reciting Qur'an when bowing
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
Isnaad SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।