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सुनन नसाई

नंबर 1039

नंबर 1039किताब 12, नंबर 11
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ جَعْفَرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ عَطَاءٍ، عَنْ أَبِي حُمَيْدٍ السَّاعِدِيِّ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا رَكَعَ اعْتَدَلَ فَلَمْ يَنْصِبْ رَأْسَهُ وَلَمْ يُقْنِعْهُ وَوَضَعَ يَدَيْهِ عَلَى رُكْبَتَيْهِ ‏.‏
It was narrated that Abu Humaid As-Sa'idi said:"When the Prophet (ﷺ) bowed he was balanced, he did not make his head higher or lower than his back, and he put his hands on his knees
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad Sahih Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।