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सुनन नसाई

नंबर 1034

नंबर 1034किताब 12, नंबर 6
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عُمَرَ، قَالَ سُنَّتْ لَكُمُ الرُّكَبُ فَأَمْسِكُوا بِالرُّكَبِ ‏.‏
It was narrated that 'Umar said:"It is established for you to hold the knees, so hold the knees
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।