सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 986

नंबर 986किताब 11, नंबर 111
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ أُمِّهِ، أَنَّهَا سَمِعَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقْرَأُ فِي الْمَغْرِبِ بِالْمُرْسَلاَتِ ‏.‏
It was narrated from Ibn Abbas from his mother that:She heard the Prophet (ﷺ) recite Al-Mursalat in Maghrib
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • -Abu Ghuddah
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।