सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 971

नंबर 971किताब 11, नंबर 96
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ صُدْرَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا سَلْمُ بْنُ قُتَيْبَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا هَاشِمُ بْنُ الْبَرِيدِ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الْبَرَاءِ، قَالَ كُنَّا نُصَلِّي خَلْفَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم الظُّهْرَ فَنَسْمَعُ مِنْهُ الآيَةَ بَعْدَ الآيَاتِ مِنْ سُورَةِ لُقْمَانَ وَالذَّارِيَاتِ ‏.‏
It was narrated that Al-Bara' said:"We used to pray Zuhr behind the Prophet (ﷺ) and we heard some of the verses from Surah Luqman and Adh-Dhariyat from him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।