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सुनन नसाई

नंबर 962

नंबर 962किताब 11, नंबर 87
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ، عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ عَيَّاشٍ، عَنِ ابْنِ قَيْسٍ، - وَهُوَ مُحَمَّدٌ - عَنْ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ سَجَدَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي ‏{‏ إِذَا السَّمَاءُ انْشَقَّتْ ‏}‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) prostrated during: 'When the heaven is split asunder
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।