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सुनन नसाई

नंबर 902

नंबर 902किताब 11, नंबर 27
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم وَأَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ - رضى الله عنهما - يَسْتَفْتِحُونَ الْقِرَاءَةَ بِـ ‏{‏ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ ‏}‏
It was narrated from Anas that:The Prophet (ﷺ), Abu Bakr, and Umar, may Allah be pleased with them both, would start their recitation with: "All the praise and thanks be to Allah, the Lord of all that exists
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • -Abu Ghuddah
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।