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सुनन नसाई

नंबर 826

नंबर 826किताब 10, नंबर 50
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، عَنِ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي الْحَارِثُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَأْمُرُ بِالتَّخْفِيفِ وَيَؤُمُّنَا بِالصَّافَّاتِ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin 'Umar said:"The Messenger of Allah (ﷺ) used to enjoin upon us to make the prayer short, but he would lead us in prayer and recite As-Saffat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।