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सुनन नसाई

नंबर 825

नंबर 825किताब 10, नंबर 49
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي قَتَادَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنِّي لأَقُومُ فِي الصَّلاَةِ فَأَسْمَعُ بُكَاءَ الصَّبِيِّ فَأُوجِزُ فِي صَلاَتِي كَرَاهِيَةَ أَنْ أَشُقَّ عَلَى أُمِّهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin Abi Qatadah, from his father that the Prophet (ﷺ) said:"I stand in prayer, then I hear a child crying, so I make my prayer brief, because I do not want to cause hardship for his mother
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।