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सुनन नसाई

नंबर 814

नंबर 814किताब 10, नंबर 38
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، أَنْبَأَنَا إِسْمَاعِيلُ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، - رضى الله عنه - قَالَ أَقْبَلَ عَلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِوَجْهِهِ حِينَ قَامَ إِلَى الصَّلاَةِ قَبْلَ أَنْ يُكَبِّرَ فَقَالَ ‏ "‏ أَقِيمُوا صُفُوفَكُمْ وَتَرَاصُّوا فَإِنِّي أَرَاكُمْ مِنْ وَرَاءِ ظَهْرِي ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah (ﷺ)turned to face us when he stood up to pray, before he said the Takbir and said: 'Make your rows straight and come close to one another, for I can see you behind my back
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।