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सुनन नसाई

नंबर 813

नंबर 813किताब 10, नंबर 37
أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ نَافِعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا بَهْزُ بْنُ أَسَدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَقُولُ ‏ "‏ اسْتَوُوا اسْتَوُوا اسْتَوُوا فَوَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ إِنِّي لأَرَاكُمْ مِنْ خَلْفِي كَمَا أَرَاكُمْ مِنْ بَيْنِ يَدَىَّ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Prophet (ﷺ) used to say:"Make your rows straight, make your rows straight, make your rows straight. By the One in Whose Hand is my soul! I can see you behind me as I can see you in front of me
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।