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सुनन नसाई

नंबर 160

नंबर 160किताब 1, नंबर 161
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، ح وَأَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، عَنْ سُفْيَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا الزُّهْرِيُّ، قَالَ أَخْبَرَنِي سَعِيدٌ، - يَعْنِي ابْنَ الْمُسَيَّبِ - وَعَبَّادُ بْنُ تَمِيمٍ عَنْ عَمِّهِ، - وَهُوَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ زَيْدٍ - قَالَ شُكِيَ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم الرَّجُلُ يَجِدُ الشَّىْءَ فِي الصَّلاَةِ قَالَ ‏ "‏ لاَ يَنْصَرِفْ حَتَّى يَجِدَ رِيحًا أَوْ يَسْمَعَ صَوْتًا ‏"‏ ‏.‏
Sa'eed - meaning Ibn Al-Musayyab - and 'Abbad bin Tamim narrated that his uncle - 'Abdullah bin Zaid - said:"A man who felt something during Salah complained to the Prophet (ﷺ). He said: 'Do not stop praying unless you notice a smell or hear a sound
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।