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सुनन नसाई

नंबर 159

नंबर 159किताब 1, नंबर 160
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، وَإِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ زِرٍّ، قَالَ قَالَ صَفْوَانُ بْنُ عَسَّالٍ كُنَّا إِذَا كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي سَفَرٍ أَمَرَنَا أَنْ لاَ نَنْزِعَهُ ثَلاَثًا إِلاَّ مِنْ جَنَابَةٍ وَلَكِنْ مِنْ غَائِطٍ وَبَوْلٍ وَنَوْمٍ ‏.‏
Safwan bin 'Assal said:"When we were with the Messenger of Allah (ﷺ) on a journey, he told us not to take them off for three days except in the case of Janabah, but not in the case of defecation, urinating or sleep
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।