सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 111

नंबर 111किताब 1, नंबर 111
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، ح وَأَنْبَأَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ هِلاَلِ بْنِ يِسَافٍ، عَنْ أَبِي يَحْيَى، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ رَأَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَوْمًا يَتَوَضَّئُونَ فَرَأَى أَعْقَابَهُمْ تَلُوحُ فَقَالَ ‏ "‏ وَيْلٌ لِلأَعْقَابِ مِنَ النَّارِ أَسْبِغُوا الْوُضُوءَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin 'Amr said:"The Messenger of Allah (ﷺ) saw some people whose heels were still dry, so he said: 'Woe to the heels from the Fire. Perform Wudu' properly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।