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सुनन नसाई

नंबर 110

नंबर 110किताब 1, नंबर 110
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، عَنْ شُعْبَةَ، ح وَأَنْبَأَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ هِشَامٍ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ زِيَادٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ أَبُو الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ وَيْلٌ لِلْعَقِبِ مِنَ النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"Abu Al-Qasim the Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Woe to the heels from the Fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।