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सहीह मुस्लिम

नंबर 2070

नंबर 2070किताब 9, नंबर 1अरबी नंबरिंग 894.01
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، أَنَّهُ سَمِعَ عَبَّادَ بْنَ تَمِيمٍ، يَقُولُ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ زَيْدٍ الْمَازِنِيَّ، يَقُولُ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِلَى الْمُصَلَّى فَاسْتَسْقَى وَحَوَّلَ رِدَاءَهُ حِينَ اسْتَقْبَلَ الْقِبْلَةَ ‏.‏
Abdullah b. Zaid b. Mazini reported:The Messenger of Allah (ﷺ) went to the place of prayer and prayed for rain and turned round his mantle while facing the Qibla

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of Prayer - Rain

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।