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सहीह मुस्लिम

नंबर 2069

नंबर 2069किताब 8, नंबर 24अरबी नंबरिंग 893
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالَ عَبْدٌ أَخْبَرَنَا وَقَالَ ابْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ ابْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ بَيْنَمَا الْحَبَشَةُ يَلْعَبُونَ عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِحِرَابِهِمْ إِذْ دَخَلَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فَأَهْوَى إِلَى الْحَصْبَاءِ يَحْصِبُهُمْ بِهَا ‏.‏ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ دَعْهُمْ يَا عُمَرُ
Abu Huraira reported:While the Abyssinians were busy playing with their arms in the presence of the Messenger of Allah (ﷺ) 'Umar b. Khattab came there. He bent down to take up pebbles to throw at them (in order to make them go off). The Messenger of Allah (ﷺ) said to him: 'Umar, leave them alone

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book of Prayer - Two Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।