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सहीह मुस्लिम

नंबर 2030

नंबर 2030किताब 7, नंबर 80अरबी नंबरिंग 878.03
وَحَدَّثَنَا عَمْرٌو النَّاقِدُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ ضَمْرَةَ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عُبَيْدِ، اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ كَتَبَ الضَّحَّاكُ بْنُ قَيْسٍ إِلَى النُّعْمَانِ بْنِ بَشِيرٍ يَسْأَلُهُ أَىَّ شَىْءٍ قَرَأَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَوْمَ الْجُمُعَةِ سِوَى سُورَةِ الْجُمُعَةِ فَقَالَ كَانَ يَقْرَأُ ‏{‏ هَلْ أَتَاكَ‏}‏
Dahhak b. Qais wrote to Nu'man b. Bashir asking him what the Messenger of Allah (ﷺ) recited on Friday besides Surah Jumu'a He said that he recited:" Has there reached..." (Surah lxxxviii)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।