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सहीह मुस्लिम

नंबर 2002

नंबर 2002किताब 7, नंबर 52अरबी नंबरिंग 865
وَحَدَّثَنِي الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْحُلْوَانِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو تَوْبَةَ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ، - وَهُوَ ابْنُ سَلاَّمٍ - عَنْ زَيْدٍ، - يَعْنِي أَخَاهُ - أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا سَلاَّمٍ، قَالَ حَدَّثَنِي الْحَكَمُ بْنُ مِينَاءَ، أَنَّحَدَّثَاهُ أَنَّهُمَا، سَمِعَا رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ عَلَى أَعْوَادِ مِنْبَرِهِ ‏ "‏ لَيَنْتَهِيَنَّ أَقْوَامٌ عَنْ وَدْعِهِمُ الْجُمُعَاتِ أَوْ لَيَخْتِمَنَّ اللَّهُ عَلَى قُلُوبِهِمْ ثُمَّ لَيَكُونُنَّ مِنَ الْغَافِلِينَ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah b. Umar and Abu Huraira said that they heard Allah's Messenger (ﷺ) say on the planks of his pulpit:People must cease to neglect the Friday prayer or Allah will seal their hearts and then they will be among the negligent

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।